मिडिल-ईस्ट में तनाव के बीच देशभर में हो रही LPG की किल्लत को देखते हुए सरकार कई तरह के नियम बना रही है। सरकार ये नए नियम आम उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बना रही है। इन्हीं नियमों में ओटीपी वाला नियम बहुत ही महत्वपूर्ण और जरूरी है। नए नियमों के तहत, ग्राहकों को बिना ओटीपी बताए एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिलेगी। ये नियम अब धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में कई कंपनियां पहले से ही ओटीपी सिस्टम के जरिए एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। आइए जानते हैं कि इस नए नियम से आम ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
क्यों लागू किया जा रहा है ओटीपी वाला नियम
एलपीजी सिलेंडर की फेक डिलीवरी, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार देशभर में नया नियम लागू कर रही है। नए नियम के तहत, ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डिलीवरी के समय एक ओटीपी आएगा। ग्राहकों को ये ओटीपी डिलीवरी देने आए गैस एजेंसी के कर्मचारी को बताना होगा। ओटीपी बताने के बाद कर्मचारी उसे अपने सिस्टम में डालेगा, जिसके बाद आपको एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी दी जाएगी। अगर आप कर्मचारी को ओटीपी नहीं देंगे तो आपको गैस भी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, अगर कोई कर्मचारी अपने सिस्टम में बिना ओटीपी डाले ही डिलीवरी देगा तो उसे सफल डिलीवरी नहीं माना जाएगा। इस ओटीपी को Delivery Authentication Code कहा जाता है। ये ओटीपी यानी Delivery Authentication Code, सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी ने ग्राहक को एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी दे दी है।
आम ग्राहकों को क्या होगा फायदा
दरअसल, देश में कई जगहों से ग्राहकों की शिकायतें मिल रही थीं। ग्राहकों के मुताबिक, गैस एजेंसी के कर्मचारी बिना डिलीवरी दिए ही डिलीवरी दिखा देते थे और सिलेंडर जमा करके ब्लैक में बेच देते थे। लेकिन, ओटीपी नियम शुरू होने के बाद कर्मचारी इस तरह का झोल नहीं कर पाएंगे। जब तक वे ग्राहक से ओटीपी लेकर अपने सिस्टम में नहीं डालते हैं तब तक उनकी डिलीवरी सफल नहीं मानी जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों को सफल डिलीवरी दिखाने के लिए अपने सिस्टम में ओटीपी डालना ही होगा और ओटीपी डालने के लिए उन्हें सही ग्राहक को डिलीवरी देनी ही पड़ेगी।